🌿आयुर्वेद

आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण, प्रयोग व गुणधर्मों की विस्तृत जानकारी

परिभाषा

औषधि संग्रह | औषधि संग्रह काल | भूमि विशेष से औषधियों के गुण | वर्जित स्थानों की दवाएँ | स्थानों की विशेषता | संग्रह योग्य औषधियाँ | वनस्पतियों का ख़राब या कम गुणकारी होना | अभाव द्रव्यों के स्थान पर प्रतिनिधि द्रव्यों की योजना | गौण और प्रतिनिधि द्रव्यों की सूची | औषध निर्माण परिभाषा | पंच कषाय (क्वाथ) | स्वरस कषाय | कल्क कषाय | क्वाथ (काढ़ा) कषाय | हिम कषाय | फान्ट कषाय | संधान | संधान के लक्षण | सीधु मद्य | वारुणी मद्य | सूरा मद्य | आसव अरिष्ट कल्पना | प्रक्षेप द्रव्यमान | शुक्त | तुषाम्बू | सौवीर |

विषय

चूने का पानी | कांजी | सुरासव कल्पना | स्नेह पाक कल्पना | तेल मूर्च्छना | घृत मूर्च्छना | यवक्षीर | शंखद्राव | चूर्ण | प्रक्षप द्रव्य | भावना | अवलेह कल्पना | अवलेह के लिए चाशनी | अवलेह में चूर्ण प्रक्षेप | गुटिका कल्पना | प्रक्षेप द्रव्यमान | फलवर्ति | गुडूची सत्व | बिरोजे का सत्व | गुलकन्द बनाना |

मान परिभाषा

माग्धीय मान | सुश्रुत की मान परिभाषा | यूनानी मान | अंग्रेजी मान | घन पदार्थ का अंग्रेजी मान | द्रव पदार्थ का अंग्रेजी मान | घन पदार्थ का दाशमिक मान | पांच तोला से एक सेर तक के तोल | एक सेर से एक मन तक के तोल | एक किलो से दस किलो तक तक के तोल | एक पौंड से दस पौंड तक के तौल | तरल पदार्थ के अंग्रेजी तौल से दाशमिक तोल | उपयोगी सुझाव

सांकेतिक परिभाषा

दीपन | पाचन | संशमन | अनुलोमन | स्रंसन | भेदन | विरेचन | वामक | शोधक | छेदन | लेखन | ग्राही | स्तम्भन | रसायन | बाजीकरण | शुक्रल | शुक्र प्रवर्तक | सूक्ष्म प्रवर्तक | व्यवायी द्रव्य | विकाशी | मदकारी | विष | प्रमाथी | अभिष्यंदी | योगवाही | विदाही | शीतल | ऊष्ण | स्निग्ध | त्रिकुट | त्रिफला | त्रिकंटक | त्रिमद | त्रिजात | त्रिलवण | क्षारत्रय | माधुयत्रय | त्रिगंध | चातुर्जात | चातुर्भद्र | चातुर्बीज | चतुरुष्ण | चतुहसम | बलाचतुष्टय | पञ्चवल्कल | तृणपंचमूल | अम्लपंचक | लघुपंचकमूल | बृहत्पंचकमूल | पंचपल्लव | मित्रपंचक | पंचकोल | पञ्चगव्य | पञ्चलवण | पञ्चक्षार | पञ्चसुगन्धि | षडूषण | सप्तधातु | सप्त उपधातु | सप्त सुगन्धि | अष्टवर्ग | मूत्राष्टक | क्षाराष्टक | नवरत्न | नव उपविष | दशमूल

रासायनिक परिभाषा

कज्जली | रसपंक | पिष्टी | पातन पिष्टी | वरलोह | निर्वापण | वंकनाल | रेखापूर्ण भस्म | अपुनर्भव भस्म | वारितर भस्म | वारितर भस्म परीक्षा | बीज | धान्याभ्रक | वक्तव्य | सत्व | शोधन त्रितय | क्षीरत्रय | हिंगुलाकृष्ट | घोशाकृष्ट | वरनाग | उत्थापन | ढालन | द्वन्दान | अवाप | निर्वाप | शुध्दावर्त | बीजवर्त | स्वांगशीत | ब्राह्यशीत | स्वेदन | मर्दन | मूर्च्छन | पातन | रोधन | नियमन | दीपन | ग्रासमान | चारणा | गर्भदृति | बाह्यदृति | दृति लक्षण | दृतियों के भेद | जारण | विड लक्षण | रंजन लक्षण | सारण लक्षण | वेध लक्षण | आठ महारस | आठ उपरस | साधारण रस

यंत्र और पुट

कच्छप यंत्र | हंसपाक यंत्र | बालुका यंत्र | लवण यंत्र | जारण यंत्र | वाष्पस्वेदन यंत्र | पालिका यंत्र | धुप यंत्र | कोष्ठी यंत्र | विद्याधर यंत्र | गर्भ यंत्र | सोमानल यंत्र | पाताल यंत्र | स्वरस यंत्र | सर्वार्थकारी भ्राष्टि | पुट के लक्षण | पुट देने के लाभ | महापुट | गजपुट | बराहपुट | कुक्कुट पुट | कपोत पुट | गोबर पुट | भाण्ड पुट | बालुकापुट | भूधर पुट | लावकपुट | अनुक्तपुट मान | पुटों की संख्या |