लेंस से संबंधित निम्न को परिभाषित कीजिये

लेंस से संबंधित निम्न को परिभाषित कीजिये

  1. लेंस का वक्रता केन्द्र
  2. वक्रता त्रिज्या
  3. मुख्य अक्ष
  4. मुख्य फोकस
  5. फोकस दूरी
  6. फोकस तल दूरी।

  1. लेंस का वक्रता केन्द्र-किसी लेंस में चाहे वह उत्तल हो अथवा अवतल, दो गोलीय पृष्ठ होते हैं। इनमें से प्रत्येक पृष्ठ एक गोले का भाग होता है। इन गोलों के केन्द्र लेंस के वक्रता केन्द्र कहलाते हैं। इसे प्रायः ‘C’ से दर्शाते हैं। चूंकि लेंस के दो वक्रता केन्द्र होते हैं, इसलिए इन्हें C1 व C2 द्वारा निरूपित किया जाता है।
  2. वक्रता त्रिज्या-लेंस के वक्र पृष्ठों की त्रिज्याओं को लेंस की वक्रता त्रिज्या कहते हैं। जिस पृष्ठ से प्रकाश लेंस के भीतर प्रवेश करता है उसे प्रथम पृष्ठ एवं जिस पृष्ठ से वह लेंस के बाहर निकलता है, उसे द्वितीय पृष्ठ कहते हैं।
  3. मुख्य अक्ष-किसी लेंस के दोनों वक्रता केन्द्रों C1 एवं C2 को मिलाने वाली काल्पनिक सीधी रेखा को लेंस की मुख्य अक्ष कहते हैं।
  4. मुख्य फोकस-मुख्य अक्ष के समान्तर प्रकाश की किरणें लेंस पर आपतित होती हैं तो अपवर्तन के पश्चात् जिस बिन्दु पर जाकर मिलती हैं या मिलती हुई प्रतीत होती हैं, उसे मुख्य फोकस कहते हैं। मुख्य फोकस F लेंस के दोनों ओर मुख्य अक्ष पर होता है।
  5. फोकस दूरी-प्रकाश केन्द्र व मुख्य फोकस बिन्दु के मध्य की दूरी को फोकस दूरी कहते हैं। इसे f से व्यक्त करते हैं।
  6. फोकस तल दूरी-मुख्य अक्ष के लम्बवत् ऐसा तल जो फोकस बिन्दु से गुजरता है, फोकस तल कहलाता है।
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