उत्क्रमणीय अभिक्रिया

उत्क्रमणीय अभिक्रिया की व्याख्या कीजिए।

अभिक्रिया–A + B ⇔ C + D (उत्क्रमणीय)
उत्क्रमणीय अभिक्रिया एक साथ दोनों दिशाओं (अग्र व प्रतीप) में होती है। सर्वप्रथम अभिकारकों (A+ B) से उत्पादों (C+ D) का निर्माण होता है। उपयुक्त मात्रा में उत्पाद बनते ही प्रतीप अभिक्रिया प्रारम्भ होकर पुनः अभिकारकों का निर्माण होने लगता है। उत्क्रमणीय अभिक्रिया कभी भी पूर्ण नहीं होती है तथा हर समय अभिक्रिया मिश्रण में अभिकारक एवं उत्पाद दोनों उपस्थित होते हैं । सामान्यतः उत्क्रमणीय अभिक्रिया बन्द पात्र में होती है।

उदाहरण
(i) N2 + 3H2 ⇔ 2NH3
(ii) H2O + H2CO3 ⇔ H3O+ + HCO–3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *