एल्केन के नामकरण में प्रयुक्त मुख्य नियम

एल्केन के नामकरण में प्रयुक्त मुख्य नियमों को लिखिये।

एल्केन के नामकरण के नियम- एल्केनों के नामकरण के लिए निम्नलिखित नियम प्रयुक्त होते हैं
(i) सर्वप्रथम सर्वाधिक लम्बी श्रृंखला का चयन किया जाता है, जिसे मुख्य श्रृंखला कहते हैं। मुख्य श्रृंखला के बाहर रहे समूहों को प्रतिस्थापी कहते हैं।
(ii) यदि समान लम्बाई की दो या दो से अधिक सर्वाधिक लम्बी श्रृंखलायें हों तो अधिक प्रतिस्थापी युक्त श्रृंखला का चयन किया जाता है।
(iii) यौगिकों का नाम लिखते समय सबसे पहले प्रतिस्थापियों का नाम उनके ‘पूर्वलग्न’ का प्रयोग करते हुए अंग्रेजी वर्णमाला क्रम में लिखा जाता है।
(iv) यदि समान प्रतिस्थापी एक से अधिक हों तो उनकी संख्या दर्शाने के लिए अग्रलिखित शब्द प्रयुक्त किए जाते हैं

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(v) प्रतिस्थापियों का अंकन-अंकन करते समय प्रतिस्थापियों को न्यूनतम अंक दिये जाते हैं। यदि दो प्रतिस्थापियों को समान अंक मिल रहे हैं तो अंग्रेजी वर्णमाला क्रम में पहले आने वाले प्रतिस्थापी को न्यूनतम अंक दिया जाता है।
(vi) यौगिक का नाम लिखते समय अंकों के मध्य ‘कोमा’ (,) तथा अंक व शब्द के मध्य ‘हाइफन’ (-) का प्रयोग करते हैं।

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