ग्रेफाइट की संरचना तथा गुण

ग्रेफाइट की संरचना तथा गुण बताइए।

ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन अन्य तीन कार्बन परमाणुओं के साथ एक ही तल में बन्ध बनाकर षट्कोणीय वलय संरचना का निर्माण करता है। ये षट्कोणीय वलये, एक-दूसरे पर व्यवस्थित होकर परत संरचना बनाते हैं।
ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन का चतुर्थ इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र रहता है लेकिन एक बन्ध में द्विबन्ध के गुण पाए जाते हैं। इन्हीं स्वतंत्र इलेक्ट्रॉनों तथा दो परतों के मध्य उपस्थित रिक्त स्थान के कारण ही यह विद्युत का सुचालक होता है।
ग्रेफाइट चमकीला, अपारदर्शी तथा काले धूसर रंग का मुलायम पदार्थ होता है, जिसका विशिष्ट घनत्व 2.25 है।
ग्रेफाइट में दो परतों के मध्य दुर्बल वान्डरवाल बल होने तथा उनके मध्य अधिक दूरी होने के कारण एक परत दूसरी परत पर आसानी से फिसल सकती है। इसी कारण ग्रेफाइट को शुष्क स्नेहक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।

और पढ़ें :   कोयले का दहन कौन सी अभिक्रिया है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *