तारककाय (Centrosome )

तारककाय (Centrosome)
  • यह लैटिन शब्द सेंटर (Center) तथा ग्रीक शब्द सोम (Some – शरीर ) से मिलकर बना है।
  • एडवर्ड वान बेनेडॉन (Edouard Van Beneden) ने 1883 में इसकी खोज की थी।
  • टी. बोवेरी ( Theodor Boveri ) ने सर्वप्रथम 1888 में सेन्ट्रोसोम का प्रयोग किया था।
  • साधारणतः यह केन्द्रक के पास पाया जाता है, इसे कोशिका केंद्र भी कहा जाता है।
  • तंत्रिका कोशिका, पादप तथा कवकों को छोड़कर यह सभी यूकैरिओटिक कोशिकाओं में पाया जाता है।

तारककाय की संरचना

  • तारककाय के दो भाग होते हैं – एक को सेन्ट्रिओल और दूसरे को सेन्ट्रोस्फीयर कहते हैं।
  • सेन्ट्रिओल को घेरकर जो गाढ़ा कोशिकाद्रव्य रहता है, उसे सेन्ट्रोस्फीयर कहा जाता है।
  • यह दो बेलनाकार संरचनाओं ले मिलकर बना होता है। जिसे तारककेन्द्र (Centriole) कहते हैं। इसलिए इसे सेन्ट्रोसोम कहा जाता है।
  • तारककाय को डिप्लोसोम (Diplosome) भी कहा जाता है।
  • तारककाय झिल्ली रहित संरचना होती है।
  • एक तारककाय में दो तारक केंद्रों के बीच 90 डिग्री का कोण होता है।

रासायनिक संगठन

  • इसमें ट्यूब्यूलिन नामक संरचनात्मक प्रोटीन पाई जाती है।
  • तारक केंद्र में डीएनए एवं आरएनए की उपस्थिति के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं।

तारककाय के कार्य

  • तारककेन्द्र द्वारा जन्तु कोशिका में विभाजन आरम्भ होता है। इस दौरान पूर्ववर्ती तारक केंद्र के विभाजन के द्वारा पुत्री तारक केंद्र का निर्माण होता है। विभाजन के समय तारक केन्द्र द्वारा तर्कु तंतुओं (Spindle Fibres) का निर्माण होता है।
  • तारक केंद्र द्वारा सिलिया (Cilia) व कशाभिका (Flagella) की आधार कणिका का निर्माण किया जाता है। इसे अनेक नामों से जाना जाता है जैसे काइनेटोसोम (Kinetosome) एवं ब्लेफेरोप्लास्ट (Blepheroplast)
  • शुक्राणुजनन में दूरस्थ तारककाय द्वारा शुक्राणु की पूँछ का निर्माण होता है। शुक्राणु के निकटस्थ तारककाय को निषेचन निषेचन के दौरान, अण्डाणु को दे दिया जाता है क्योंकि अण्डाणु में तारककाय अनुपस्थित होता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *