बोर के परमाणु मॉडल की कमियाँ

बोर के परमाणु मॉडल की कमियाँ बताइए।

बोर का परमाणु मॉडल, रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल से अधिक विकसित था तथा इसके द्वारा परमाणु के रैखिक स्पेक्ट्रम एवं उसके स्थायित्व की व्याख्या की जा सकती है। इसके बावजूद इसमें निम्न कमियाँ पायी गयीं

  1. एक से अधिक इलेक्ट्रॉनयुक्त परमाणु प्रतिरूप को इस मॉडल द्वारा स्पष्ट नहीं किया जा सका।
  2. उच्चभेदन क्षमता वाले उपकरणों से देखने पर ज्ञात हुआ कि परमाणु का रैखिक स्पेक्ट्रम एक से अधिक रेखाओं में बँटा होता है, जिसका कारण भी बोर मॉडल से स्पष्ट नहीं होता।
  3. यह मॉडल परमाणुओं द्वारा रासायनिक बंध बनाकर अणुओं के निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट नहीं कर सका।
और पढ़ें :   आयुर्विज्ञान शब्दावली U

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *