रदरफोर्ड का परमाणु

(i) रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की व्याख्या करने वाले तीन बिन्दु लिखिए।
(ii) रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल को ‘सौर मण्डल का प्रतिरूप’ क्यों माना जाता है?
(iii) रदरफोर्ड मॉडल की दो कमियाँ लिखिए।

(i) रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की व्याख्या के तीन बिन्दु निम्नलिखित हैं
(a) परमाणु का सम्पूर्ण धनावेश तथा द्रव्यमान (भार) उसके मध्य छोटे से भाग में स्थित होता है, उसे नाभिक कहते हैं।
(b) परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त होता है जिसके चारों ओर इलेक्ट्रॉन वृत्ताकार पथों में तीव्र गति से घूमते हैं । इन वृत्ताकार पथों को कक्षा या कक्ष कहते हैं ।
(c) परमाणु विद्युत उदासीन होता है, अतः परमाणु में जितने इलेक्ट्रॉन होते हैं, उतनी ही संख्या में नाभिक में प्रोटॉन भी उपस्थित होते हैं।
(ii) रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल सौर मंडल का प्रतिरूप भी माना जाता है। क्योंकि इसमें इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर भिन्न-भिन्न कक्षाओं में इस प्रकार घूमते हैं जैसे विभिन्न ग्रह सूर्य के चारों ओर विभिन्न कक्षाओं में घूमते हैं।
(iii) रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल में अग्र दो कमियाँ थीं
(a) यह मॉडल परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या नहीं कर सका।
(b) यह परमाणु की इलेक्ट्रॉनिक संरचना को स्पष्ट नहीं कर पाया।

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