संकरपूर्वज संकरण क्या है

संकरपूर्वज संकरण क्या है? समझाइए।

यदि F1 के विषमयुग्मजी संकर पादप (Tt) को प्रभावी या अप्रभावी जनक से क्रॉस करवाते हैं तो इस क्रॉस के परिणामस्वरूप सभी पौधे लम्बे होते हैं जिनमें 50 प्रतिशत समयुग्मजी (TT) तथा 50 प्रतिशत विषमयुग्मजी लम्बे (Tt) पौधे प्राप्त होते हैं। इस प्रकार के क्रॉस को संकरपूर्वज संकरण अथवा बैक क्रॉस कहते हैं।

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