संश्लेषित बहुलक क्या हैं? इनके निर्माण की प्रक्रिया एवं उपयोग

संश्लेषित बहुलक क्या हैं? इनके निर्माण की प्रक्रिया एवं उपयोग लिखिए।

संश्लेषित बहुलक-
मानव निर्मित बहुलकों को कृत्रिम बहुलक या संश्लेषित बहुलक कहते हैं। संश्लेषित बहुलकों को तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है—
(a) कृत्रिम रेशे
(b) प्लास्टिक
(c) संश्लेषित रबर।
(a) कृत्रिम रेशे- नाइलॉन-66, टेरीलीन तथा रेयॉन इसके मुख्य उदाहरण हैं।

नाइलोन-66-यह एडिपिक अम्ल (6 कार्बन) तथा हेक्सामेथिलीन डाईएमीन (6 कार्बन) के संघनन बहुलकीकरण से बनता है अतः इसे नाइलोन-66 कहते हैं।

नाइलोन-66 के उपयोग
(i) मशीनों के गियर, बियरिंग बनाने में।
(ii) टायर, कपड़े, रेशे, रस्सियाँ, ब्रश आदि बनाने में।
टेरीलीन-यह ऐथिलीन ग्लाइकॉल तथा टेरेफ्थैलिक अम्ल के संघनन बहुलकीकरण से बनता है। इसे डेक्रॉन भी कहते हैं।

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टेरीलीन के उपयोग-यह कपड़े, नावों की पॉल, बेल्ट, चुम्बकीय टेप तथा फिल्म बनाने में काम आता है।
रेयॉन-कागज (सेल्युलोज) को सोडियम हाइड्रोक्साइड के विलयन में भिगोकर साफ किया जाता है फिर इसे कार्बनडाई सल्फाइड (CS) में घोलते हैं। तो सेल्युलोज का विलयन प्राप्त होता है। इस विलयन को महीन छिद्र में से प्रवाहित करके तनु सल्फ्युरिक अम्ल में छोड़ा जाता है जिससे रेयॉन के महीन चमकदार रेशे प्राप्त होते हैं।
रेयॉन के उपयोग– रेयॉन वस्त्र, धागे तथा दरियाँ आदि बनाने के काम आता है।
(b) प्लास्टिक-

पॉलीथीन-उच्च ताप एवं दाब पर उत्प्रेरक की उपस्थिति में एथीन के बहुलीकरण से पॉलीथीन प्राप्त होता है। यह लचीला एवं मजबूत प्लास्टिक है।

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उपयोग-पॉलीथीन थैलियाँ, सांचे में ढली वस्तुएँ, पाइप तथा ट्यूब आदि बनाने के काम आता है।
पॉली विनाइल क्लोराइड (PVC)-PVC, विनाइल क्लोराइड (CH2 = CH – Cl) के बहुलीकरण से प्राप्त होता है।

उपयोग-PVC पाइप, जूते, चप्पल, थैले, बरसाती कपड़े, खिलौने, फोनोग्राम के रिकार्ड, विद्युतरोधी परतें इत्यादि बनाने के काम आता है।
पॉली एक्रिलो नाइट्राइल या ऑरलॉन (PAN)-यह विनाइल सायनाइड के बहुलीकरण से प्राप्त होता है।

उपयोग-ऑरलॉन से स्वेटर, ऊन जैसे तन्तु बनाए जाते हैं जिससे तकिया, गद्दे आदि बनते हैं।
 पॉली-स्टाइरीन-विनाइल बेंजीन (स्टाइरीन) के बहुलीकरण से पॉलीस्टाइरीन प्राप्त होता है।

पॉलीस्टाइरीन । उपयोग-पॉलीस्टाइरीन चाय के कप, बोतलों के ढक्कन, रेफ्रिजरेटर के भाग, दीवारों की टाइल्स तथा पैकिंग सामग्री बनाने के काम आता है।
(c) संश्लेषित रबर- ये मुख्यतया दो प्रकार के होते हैं

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ब्युना –S (ब्युटाडाइईन एवं स्टाइरीन के बहुलीकरण से निर्मित)
ब्युना –N (ब्युटाडाइईन एवं एक्रिलोनाइट्राइल के बहुलीकरण से निर्मित)
संश्लेषित रबर बनाने के लिए 2,3-डाई मेथिल -1,3-ब्युटाडाइईन को CO2 की उपस्थिति में सोडियम द्वारा उत्प्रेरित कर रबर जैसा उत्पाद प्राप्त किया गया था जिसे ब्युना (Buna) कहा गया। इसमें Bu ब्युटाडाइईन तथा Na सोडियम उत्प्रेरक को दर्शाता है।
उपयोग–यह तेल की टंकियाँ, टायर-ट्यूब, चिकित्सा के उपकरण, पेट्रोल के नल, जूतों के तले इत्यादि बनाने के काम आता है।

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