हीरे की संरचना तथा गुण

हीरे की संरचना तथा गुण बताइए।

(i) हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु अन्य चार कार्बन परमाणुओं के साथ बन्ध बनाकर एक दृढ़ त्रिआयामी चतुष्फलकीय संरचना बनाता है।
(ii) इसमें कार्बन-कार्बन बन्ध लम्बाई 1.54Å होती है।
(iii) हीरा कार्बन का अतिशुद्ध रूप होता है तथा यह रंगहीन व पारदर्शी होता
(iv) हीरा विद्युत का कुचालक होता है क्योंकि इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते।
(v) हीरे की संरचना में प्रबल सहसंयोजक बंधों का त्रिविम जाल होता है, अतः यह अत्यधिक कठोर होता है। यह अब तक का ज्ञात सर्वाधिक कठोर पदार्थ है।
(vi) हीरे का गलनांक 3843 K तथा विशिष्ट घनत्व 3.51 होता है।
(vii) कोयले की परतों पर चट्टानों का दाब पड़ने से हीरा पारदर्शक हो जाता है।
(viii) शुद्ध कार्बन पर उच्च दाब तथा ताप लगाकर हीरे को संश्लेषित किया जा सकता है।

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