मानव नेत्र में दृष्टि वैषम्य दोष क्या है?

दृष्टि-वैषम्य दोष या अबिन्दुकता

दृष्टि-वैषम्य दोष-दृष्टि-वैषम्य दोष या अबिन्दुकता दोष कॉर्निया की। गोलाई में अनियमितता के कारण होता है। इसमें व्यक्ति को समान दूरी पर रखी ऊर्ध्वाधर व क्षैतिज रेखायें एक साथ स्पष्ट दिखाई नहीं देती हैं। बेलनाकार लेंस […]

लेंस की क्षमता से क्या अभिप्राय है?

लेंस की क्षमता-किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसरण या अपसरण करने की मात्रा को उसकी क्षमता के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसे अक्षर P द्वारा निरूपित करते हैं। किसी f फोकस दूरी […]

पानी से भरे काँच के पात्र में आंशिक डूबी हुई कोई पेंसिल तिरछी दिखाई देती है, क्यों?

पेन्सिल के पानी में डूबे हुए भाग से जो प्रकाश हम तक पहुँचता है, वह पेन्सिल के पानी के बाहर के भाग से आने वाले प्रकाश से भिन्न दिशा से आता हुआ प्रतीत होता है। […]

वर्ण विक्षेपण

सूर्य का प्रकाश जब कांच के प्रिज्म में से होकर गुजरता है तो उससे निकलने वाला प्रकाश सप्त वर्ण प्रतिरूप में प्राप्त होता है, जिसे हम पर्दे पर लेकर देख सकते हैं। श्वेत प्रकाश में […]

अपवर्तन के नियम लिखिए।

अपवर्तन के नियम-(1) प्रथम नियम-आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा दोनों माध्यमों को पृथक् करने वाले पृष्ठ के आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।(2) द्वितीय नियम ( स्नेल का अपवर्तन नियम)-प्रकाश […]

प्रकाश के अपवर्तन की परिभाषा लिखिए।

अपवर्तन-जब प्रकाश किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है तो दोनों माध्यमों को पृथक् करने वाले धरातल पर वह अपने मार्ग से विचलित हो जाती है। प्रकाश की इस क्रिया को अपवर्तन […]

मानव के नेत्र एवं इसके विभिन्न भाग

मानव के नेत्र का नामांकित चित्र बनाकर इसके विभिन्न भागों को समझाओ। मानव आँख का नामांकित चित्र बनाइये। कॉर्निया, नेत्र लेंस एवं दृष्टि पटल के कार्यों को समझाइए। मनुष्य की आँख के प्रमुख भाग निम्न […]

पूर्ण आन्तरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)

पूर्ण आन्तरिक परावर्तन (Total Internal Reflection)– जब प्रकाश किरणें सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाती हैं तो वे अपवर्तन के पश्चात् अभिलम्ब से दूर होती जाती हैं (r > i) यदि किरणों के आपतन […]

अग्रिम सूर्योदय तथा विलम्बित सूर्यास्त

अग्रिम सूर्योदय तथा विलम्बित सूर्यास्त–जब सूर्योदय होने लगता है तो उससे पूर्व ही सूर्य से आने वाली किरणें वायुमण्डल की विभिन्न घनत्व की परतों से अपवर्तित होती हैं। हम जानते हैं कि जैसे-जैसे हम पृथ्वी […]